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वाइब मूवी रिव्यू: कुणाल खेमू की दोस्ती और खतरनाक मिशन वाली कॉमेडी

कुणाल खेमू की लिखी और डायरेक्ट की गई एक्शन-कॉमेडी वाइब का पहला हाफ दोस्ती और डायलॉग से हँसाता है, लेकिन इंटरवल के बाद गंभीर मोड़ उसकी रफ़्तार धीमी कर देता है।

इस लेख में12 sections
  1. वाइब मूवी डिटेल्स (VIBE Movie Details)
  2. वाइब की कहानी: बिना स्पॉइलर के
  3. वाइब में क्या अच्छा है?
  4. कहाँ कमज़ोर पड़ती है फिल्म?
  5. वाइब का स्क्रीनप्ले और पेसिंग
  6. म्यूज़िक और एक्शन
  7. वाइब ऑडियंस रेटिंग
  8. वाइब बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
  9. वाइब OTT रिलीज़
  10. क्या वाइब देखने लायक है?
  11. वाइब मूवी रिव्यू: फाइनल वर्डिक्ट
  12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

यह लेख अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध है — Read this article in English

वाइब (VIBE) एक हिंदी एक्शन-कॉमेडी फिल्म है, जिसे कुणाल खेमू (Kunal Kemmu) ने लिखा और डायरेक्ट किया है। लीड रोल भी उन्होंने खुद निभाया है। इस वाइब मूवी रिव्यू में हम फिल्म की कहानी, एक्टिंग, म्यूज़िक, रेटिंग और कमाई पर बात करेंगे। फिल्म में कुणाल के साथ प्रीति जी ज़िंटा (Preity G Zinta), स्पर्श श्रीवास्तव (Sparsh Shrivastava) और वंशिका धीर (Vanshika Dhir) नज़र आते हैं।

वाइब 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। इसका रनटाइम 2 घंटे 26 मिनट है और भारत में इसे A सर्टिफिकेट मिला है।

शुरुआत में यह एक कैरेक्टर-ड्रिवन कॉमेडी लगती है, जिसमें दो आम दोस्त अचानक एक खतरनाक मिशन में फँस जाते हैं। अब तक छपे रिव्यूज़ में बुनियादी आइडिया पर ज़्यादा सवाल नहीं उठे हैं। असली शिकायत इंटरवल के बाद की है, जब फिल्म कॉमेडी छोड़कर टेक्नोलॉजी और आतंकवाद वाले गंभीर ट्रैक पर मुड़ जाती है।

वाइब मूवी डिटेल्स (VIBE Movie Details)

जानकारीविवरण
फिल्मवाइब (VIBE)
रिलीज़ डेट18 सितंबर 2026
भाषाहिंदी
जॉनरएक्शन, कॉमेडी, एडवेंचर, थ्रिलर
रनटाइम2 घंटे 26 मिनट
सर्टिफिकेटA
डायरेक्टरकुणाल खेमू
लेखककुणाल खेमू
स्टारकास्टकुणाल खेमू, प्रीति जी ज़िंटा, स्पर्श श्रीवास्तव, वंशिका धीर
प्रोडक्शन कंपनियाँअमेज़न MGM स्टूडियोज़ (Amazon MGM Studios), ड्रोंगो फिल्म्स (Drongo Films)

वाइब की कहानी: बिना स्पॉइलर के

कहानी हार्दिक और भागीरथ की है। दोनों पक्के दोस्त हैं और एक ही टेक्नोलॉजी कंपनी में काम करते हैं। इनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी तब पलट जाती है, जब हार्दिक एक सीक्रेट-सर्विस ऑपरेशन में खिंच जाता है। इस ऑपरेशन का ताल्लुक एक प्लान किए गए आतंकी हमले की जानकारी से है।

आगे चलकर टेक एक्सपर्ट भागीरथ भी इस मामले में शामिल हो जाता है। सेटअप की दिलचस्प बात यही है कि इन दोनों में से कोई भी पारंपरिक एक्शन हीरो जैसा नहीं दिखता।

फिल्म इसी विरोधाभास से अपनी कॉमेडी निकालती है। पहला हाफ ज़्यादातर दोनों की दोस्ती और मिशन में उलझने से पैदा होने वाली सिचुएशंस पर टिका है। इंटरवल के बाद टेक्नोलॉजी, आतंकवाद और बड़े ऑपरेशन को ज़्यादा जगह मिलती है।

सीधे शब्दों में कहें तो प्रीमाइस साफ़ है: एक बडी कॉमेडी धीरे-धीरे एक्शन से भरे स्पाई एडवेंचर में बदल जाती है।

वाइब में क्या अच्छा है?

कुणाल खेमू की कॉमिक टाइमिंग

फिल्म की सबसे भरोसेमंद ताकत हार्दिक के रोल में कुणाल खेमू खुद हैं।

उनकी कॉमिक टाइमिंग उन सीन्स में खास तौर पर असर करती है, जहाँ हँसी ओवरएक्टिंग से नहीं बल्कि किरदार के रिएक्शन से आती है। फिल्म इंफॉर्मेशन (Film Information) ने खेमू की परफॉर्मेंस और डायलॉग राइटिंग की तारीफ़ की है, वहीं हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) ने भी एक्टर और फिल्ममेकर के तौर पर उनकी काबिलियत को रेखांकित किया है।

डायलॉग भी फिल्म का मज़बूत पक्ष हैं। मज़ाकिया लाइनें पहले हाफ में ज़्यादा जमती हैं, क्योंकि वहाँ स्क्रीनप्ले उन्हें सीन आगे बढ़ाने की पूरी गुंजाइश देता है।

स्पर्श श्रीवास्तव और दोस्ती की केमिस्ट्री

स्पर्श श्रीवास्तव ने भागीरथ का किरदार निभाया है, जो हार्दिक का करीबी दोस्त और टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट है।

कुणाल के साथ उनकी जोड़ी इसलिए अच्छी लगती है क्योंकि दोनों किरदारों की कॉमिक एनर्जी एक जैसी नहीं रखी गई है। यही फर्क उनकी बातचीत और रिएक्शंस में वैरायटी लाता है।

दोस्ती इस फिल्म की धुरी है, लेकिन स्क्रीनप्ले सबसे बेहतर तब लगता है जब यह रिश्ता बार-बार समझाने के बजाय हालात और प्रतिक्रियाओं के ज़रिए दिखाया जाता है।

प्रीति ज़िंटा की मौजूदगी

प्रीति जी ज़िंटा एजेंसी की एक सीनियर अधिकारी बनी हैं, जो हार्दिक को बड़े ऑपरेशन में लाती हैं। IMDb पर फिलहाल उनके किरदार का नाम मैडम M लिखा है, जबकि फिल्म इंफॉर्मेशन ने इसे मैडम H बताया है। स्रोतों में यह अंतर होने के कारण, जहाँ नाम ज़रूरी न हो, उन्हें सिर्फ़ एजेंसी प्रमुख कहना ज़्यादा सुरक्षित है।

जो फिल्म अपना काफ़ी वक्त कॉमेडी मोड में बिताती है, उसमें ज़िंटा एक गंभीर ठहराव लेकर आती हैं। फिल्म इंफॉर्मेशन ने उनके अभिनय को विश्वसनीय और किरदार के मुताबिक बताया।

वाइब मूवी रिव्यू: शहर का स्काईलाइन, पुल, समुद्र किनारे धमाका और ढलता सूरज

डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष

वाइब निर्देशक के रूप में कुणाल खेमू की दूसरी फीचर फिल्म है। इससे पहले वे मडगांव एक्सप्रेस (Madgaon Express) बना चुके हैं।

तकनीकी स्तर पर फिल्म को आम तौर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म इंफॉर्मेशन ने डायरेक्शन, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूज़िक की सराहना की और यह भी लिखा कि एक्शन सीक्वेंस ठीक-ठाक तरीके से कोरियोग्राफ किए गए हैं।

कॉमेडी वाले हिस्सों में एडिटिंग खास मदद करती है, क्योंकि सीन तेज़ी से आगे बढ़ते हैं और किसी एक सेटअप पर ज़रूरत से ज़्यादा देर नहीं टिकते।

कहाँ कमज़ोर पड़ती है फिल्म?

हर ईमानदार वाइब मूवी रिव्यू को इसकी कमियों पर भी बात करनी चाहिए। प्रकाशित समीक्षाओं में जो सबसे बड़ी कमी गिनाई गई है, वह है इंटरवल के बाद टोन का बदल जाना।

पहला हाफ ह्यूमर, किरदारों की केमिस्ट्री और मज़ेदार हालात पर खड़ा है। कहानी जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी और आतंकवाद वाले प्लॉट में गहरी उतरती है, फिल्म भारी होती चली जाती है।

दिक्कत यह नहीं कि मूवी एक्शन फिल्म बन जाती है। परेशानी यह है कि बाद का हिस्सा वह कॉमिक जोश बरकरार नहीं रख पाता, जिसने शुरुआत को अलग पहचान दी थी। फिल्म इंफॉर्मेशन ने सेकंड हाफ को कम मनोरंजक कहा, और हिंदुस्तान टाइम्स ने भी माना कि फिल्म अपनी शुरुआती चमक कुछ हद तक खो देती है।

इतने बड़े सेटअप के बाद क्लाइमैक्स अपेक्षाकृत सरल लगता है, इस वजह से उसकी भी आलोचना हुई है।

फिल्म की बनावट को एक लाइन में ऐसे समझिए:

कॉमेडी फिल्म की पहचान गढ़ती है; बाद का एक्शन प्लॉट उसी पहचान को डगमगा देता है।

वाइब का स्क्रीनप्ले और पेसिंग

स्क्रीनप्ले सबसे असरदार तब होता है, जब वह किरदारों को खुद ह्यूमर पैदा करने देता है।

शुरुआती हिस्से में कॉमिक रिदम तेज़ है, जहाँ डायलॉग, रिएक्शन और सिचुएशन एक साथ काम करते हैं। बाद में आने वाले टेक-और-टेरर मटीरियल को समझाने में ज़्यादा प्लॉट खर्च होता है, जिससे किरदार-आधारित कॉमेडी के लिए जगह स्वाभाविक रूप से घट जाती है।

इसका असर रफ़्तार पर भी पड़ता है। सेकंड हाफ पूरी तरह धीमा नहीं है, पर उतना सहज नहीं लगता, क्योंकि स्क्रीनप्ले को काफ़ी जानकारी निपटानी होती है।

उपलब्ध रिव्यूज़ की यही केंद्रीय स्ट्रक्चरल आलोचना है, और यह सिर्फ़ “सेकंड हाफ कमज़ोर है” कह देने से ज़्यादा काम की बात है। मसला ठीक-ठीक यह है कि दोनों हिस्सों के बीच टोन और कॉमेडी की निरंतरता टूट जाती है।

म्यूज़िक और एक्शन

प्रकाशित कवरेज में संगीत को भी अच्छे अंक मिले हैं।

फिल्म इंफॉर्मेशन ने “रातों में आना” (Raaton Mein Aana) और “ऐसी मेरी वाइब” (Aisi Meri Vibe) को बेहतर गानों में गिना, जबकि बाकी ट्रैक्स को ठीक-ठाक बताया। उसी रिव्यू में जॉन स्टुअर्ट एडुरी (John Stewart Eduri) के बैकग्राउंड स्कोर की भी प्रशंसा की गई।

एक्शन यहाँ काम चलाऊ है, फिल्म का मुख्य आकर्षण नहीं। रिव्यू के मुताबिक स्टंट वर्क ठीक तरह से कोरियोग्राफ किया गया है, फिर भी वाइब का सबसे दमदार हिस्सा बड़े पैमाने का एक्शन तमाशा नहीं, बल्कि कॉमेडी और किरदारों का आपसी तालमेल है।

वाइब मूवी से प्रेरित सिनेमैटिक एक्शन सीन, जिसमें हेलीकॉप्टर दिख रहे हैं

वाइब ऑडियंस रेटिंग

दर्शकों की रेटिंग लगातार बदलती रहती है, इसलिए इसे हमेशा जाँच की तारीख के साथ बताना चाहिए।

26 सितंबर 2026 को देखे गए आँकड़े:

  • IMDb: 333 रेटिंग्स के आधार पर 7.3/10
  • BookMyShow: 9,000 से ज़्यादा वोट्स के आधार पर 8.7/10

ये यूज़र्स द्वारा दी गई रेटिंग्स हैं, जो नए दर्शकों के वोट जुड़ने के साथ ऊपर-नीचे हो सकती हैं।

BookMyShow के मौजूदा रिव्यू सारांश में एक्टिंग, डायरेक्शन और ओवरऑल प्रोडक्शन को लेकर दर्शकों की अच्छी-खासी सक्रियता दिखती है। ध्यान रहे, ये टैग आम दर्शकों की प्रतिक्रिया हैं, पेशेवर क्रिटिक्स के स्कोर नहीं।

वाइब बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

शुरुआती बॉक्स ऑफिस रिपोर्टिंग से तस्वीर अभी अधूरी ही मिलती है, क्योंकि जब ये आँकड़े सामने आए तब फिल्म को थिएटर में आए कुछ ही दिन हुए थे।

द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) के अनुसार, वाइब ने दूसरे दिन भारत में ₹2.65 करोड़ नेट कमाए, जिससे दो दिनों का इंडिया नेट कलेक्शन ₹4.35 करोड़ पहुँच गया। ये आँकड़े सैकनिल्क (Sacnilk) के हवाले से दिए गए थे।

शुरुआती कलेक्शन को अंतिम नतीजा मानने के बजाय, थिएटर रन आगे बढ़ने के साथ इन आँकड़ों को अपडेट करते रहना चाहिए।

वाइब OTT रिलीज़

OTT प्रीमियर की पक्की तारीख तभी जोड़ी जानी चाहिए, जब स्टूडियो या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की ओर से आधिकारिक घोषणा हो जाए।

इस अपडेट के समय तक यहाँ कोई कन्फर्म OTT डेट शामिल नहीं है। डिजिटल रिलीज़ की आधिकारिक जानकारी मिलते ही यह सेक्शन अपडेट किया जाएगा।

क्या वाइब देखने लायक है?

वाइब उन दर्शकों को सबसे ज़्यादा पसंद आ सकती है जो एक्शन और जासूसी तड़के वाली हिंदी कॉमेडी ढूँढ रहे हैं, खासकर वे जिन्हें दो दोस्तों वाली बडी-कॉमेडी का अंदाज़ भाता है।

टिकट बुक करने से पहले फिल्म के टोन में आने वाले बदलाव को ज़रूर ध्यान में रखें। अगर आपकी दिलचस्पी मुख्य रूप से खेमू-श्रीवास्तव की जोड़ी और डायलॉग-प्रधान पहले हाफ में है, तो बाद का गंभीर प्लॉट आपको उतना सुसंगत नहीं लगेगा।

जो लोग एक सीधी-सादी, गंभीर स्पाई थ्रिलर की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, उन्हें भी अपनी अपेक्षाएँ उसी हिसाब से रखनी चाहिए। वाइब जासूसी सेटअप को पहले कॉमेडी के ढाँचे की तरह इस्तेमाल करती है और एक्शन वाले पहलू पर ध्यान बाद में देती है।

वाइब मूवी रिव्यू: फाइनल वर्डिक्ट

कॉमिक परफॉर्मेंस, डायलॉग और केंद्र में मौजूद दोस्ती, ये वाइब की साफ़ ताकतें हैं, खासकर पहले हाफ में। कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव फिल्म को किरदार-आधारित सबसे मज़बूत ऊर्जा देते हैं, जबकि सपोर्टिंग कास्ट इसमें पारंपरिक स्पाई फिल्म वाली परत जोड़ती है।

इसकी मुख्य कमज़ोरी ढाँचे से जुड़ी है: टेक्नोलॉजी और आतंकवाद वाली गंभीर कहानी की ओर मुड़ते ही वह कॉमिक रफ़्तार कम हो जाती है, जो शुरुआत में फिल्म को खास बनाती है। प्रकाशित समीक्षाएँ इस बिंदु पर मोटे तौर पर एकमत हैं, हालाँकि BookMyShow पर दर्शकों की रेटिंग अब भी पॉज़िटिव बनी हुई है।

निचोड़: वाइब को एक गंभीर स्पाई थ्रिलर के बजाय कॉमेडी-प्रधान एक्शन फिल्म के रूप में देखना बेहतर है। इसका सबसे अच्छा मटीरियल किरदारों और उनकी आपसी नोकझोंक से आता है, जबकि सेकंड हाफ में स्क्रीनप्ले की पकड़ ढीली पड़ जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या वाइब सच्ची घटना पर आधारित है?

जिन स्रोतों को देखा गया, उनमें ऐसा कोई भरोसेमंद संकेत नहीं मिला कि वाइब किसी सच्ची कहानी पर बनी है। इसे एक काल्पनिक हिंदी एक्शन-कॉमेडी के तौर पर पेश किया गया है।

क्या वाइब बच्चों के लिए सही है?

नहीं। भारत में इस फिल्म को A सर्टिफिकेट मिला है, यानी यह वयस्क दर्शकों के लिए बनाई गई है।

वाइब देखें या नहीं?

अगर आपको कॉमेडी, दोस्तों की जुगलबंदी और थोड़ा एक्शन पसंद है, तो यह फिल्म आपके लिए है। क्रिटिक्स ने इसके पहले हाफ को बाद वाले हिस्से से ज़्यादा सराहा है।

वाइब OTT पर कब रिलीज़ होगी?

फिलहाल कोई कन्फर्म OTT रिलीज़ डेट नहीं है। संबंधित स्टूडियो या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तारीख जोड़ी जाएगी।

जाँचे गए स्रोत

  • IMDb — स्टारकास्ट, रनटाइम, रिलीज़ डेट और यूज़र रेटिंग।
  • BookMyShow — ऑडियंस रेटिंग, सर्टिफिकेट, रनटाइम और फिल्म से जुड़ी जानकारी।
  • हिंदुस्तान टाइम्स — प्रकाशित फिल्म समीक्षा।
Ashish Kathiriya