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बॉलीवुड

प्रहार मूवी रिव्यू: राजकुमार राव की कोर्टरूम ड्रामा कैसी है?

प्रहार मूवी रिव्यू: उज्ज्वल निकम बने राजकुमार राव की कोर्टरूम ड्रामा पर NDTV और हिंदुस्तान टाइम्स की राय, कास्ट, ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन और OTT स्टेटस एक जगह।

इस लेख में8 sections
  1. प्रहार (2026): फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी
  2. प्रहार कास्ट और किरदार
  3. प्रहार की कहानी: केंद्र में एक बड़ी कानूनी जंग
  4. प्रहार मूवी रिव्यू: NDTV बनाम हिंदुस्तान टाइम्स
  5. प्रहार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
  6. प्रहार OTT रिलीज़ डेट और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म
  7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  8. फ़ाइनल वर्डिक्ट

यह लेख अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध है — Read this article in English

प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम (Prahaar: The Untold Story of Ujjwal Nikam) एक हिंदी कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें राजकुमार राव (Rajkummar Rao) सरकारी वकील उज्ज्वल निकम (Ujjwal Nikam) बने हैं। अविनाश अरुण (Avinash Arun) के निर्देशन और दिनेश विजन (Dinesh Vijan) के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद अजमल कसाब (Ajmal Kasab) पर चले मुकदमे की कहानी कहती है। इस प्रहार मूवी रिव्यू में हम दोनों बड़े अख़बारों की राय, कास्ट और कमाई का पूरा हिसाब एक जगह रख रहे हैं।

फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। समीक्षकों की प्रतिक्रिया में एक दिलचस्प फ़र्क़ साफ़ दिखता है: NDTV ने इस बात की तारीफ़ की कि फिल्म कानूनी केस से भटकती नहीं, जबकि हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) को लगा कि जब कहानी निकम की पारिवारिक ज़िंदगी की तरफ़ मुड़ती है, तब कोर्टरूम ड्रामा की रफ़्तार कहीं-कहीं धीमी पड़ जाती है। दोनों प्रकाशनों ने इसे तीन स्टार दिए हैं।

नीचे इन दोनों समीक्षाओं की तुलना, फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट, पुष्ट प्रोडक्शन डिटेल्स, अब तक उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़े और स्ट्रीमिंग से जुड़ी जानकारी दी गई है।

प्रहार (2026): फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी

विवरणजानकारी
पूरा नामप्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम
रिलीज़ डेट16 अक्टूबर 2026
भाषाहिंदी
जॉनरबायोग्राफी, ड्रामा
निर्देशकअविनाश अरुण
मुख्य अभिनेताराजकुमार राव
निर्मातादिनेश विजन
प्रोडक्शन कंपनीमैडॉक फिल्म्स (Maddock Films)
रनटाइम2 घंटे 21 मिनट
सर्टिफिकेशनUA 16+
OTT स्टेटसजांचे गए स्रोतों में किसी स्ट्रीमिंग सर्विस की पुष्टि नहीं

रनटाइम, भाषा और सर्टिफिकेशन की जानकारी BookMyShow लिस्टिंग से मेल खाती है। सर्टिफिकेशन का रिकॉर्ड केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की लिस्टिंग में भी दर्ज है।

प्रहार कास्ट और किरदार

फिल्म के अहम किरदार कसाब के मुकदमे को निकम की निजी और पेशेवर चुनौतियों से जोड़ते हैं।

  • राजकुमार राव – उज्ज्वल निकम: वह सरकारी वकील, जिसके इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती है।

  • वामिका गब्बी (Wamiqa Gabbi) – ज्योति निकम: निकम की पत्नी, जिनका पारिवारिक जीवन पति के थका देने वाले करियर से प्रभावित होता है।

  • ललित प्रभाकर (Lalit Prabhakar) – अजमल कसाब: पकड़ा गया आतंकी, जिसका ट्रायल कोर्टरूम की कहानी को आगे बढ़ाता है।

  • सिकंदर खेर (Sikandar Kher) – अब्बास काज़मी: फिल्म में बचाव पक्ष के वकील का नाटकीय रूप से गढ़ा गया किरदार।

  • जयदीप अहलावत (Jaideep Ahlawat) – चौधरी ज़ुल्फ़िकार अली: एक पाकिस्तानी अभियोजक, जो कहानी के कानूनी और राजनीतिक पहलुओं में नज़र आते हैं।

  • आशीष विद्यार्थी (Ashish Vidyarthi): हिंदुस्तान टाइम्स के रिव्यू के मुताबिक़ वह जज की भूमिका में हैं।

  • रित्विक साहोरे (Ritvik Sahore) – अनिकेत: निकम का बेटा।

निर्देशन की कमान अविनाश अरुण ने संभाली है, जबकि लेखन और स्क्रीनप्ले का क्रेडिट सुमित रॉय (Sumit Roy) को मिला है। एडिटिंग चारु श्री रॉय (Charu Shree Roy) ने की, संगीत प्रीतम चक्रवर्ती (Pritam Chakraborty) का है और बैकग्राउंड स्कोर अलोकानंदा दासगुप्ता (Alokananda Dasgupta) ने तैयार किया है। यह प्रोडक्शन मैडॉक फिल्म्स से जुड़ा है।

स्रोत: BookMyShow, NDTV का रिव्यू और हिंदुस्तान टाइम्स का रिव्यू।

प्रहार मूवी रिव्यू – कसाब केस के पीछे के सबूत

प्रहार की कहानी: केंद्र में एक बड़ी कानूनी जंग

कहानी उज्ज्वल निकम के उस काम पर टिकी है, जो उन्होंने अजमल कसाब के ख़िलाफ़ केस में सरकारी वकील के तौर पर किया। कसाब नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का इकलौता हमलावर था, जो ज़िंदा पकड़ा गया। फिल्म हमलों को एक्शन के ज़रिए दोबारा दिखाने पर ज़ोर नहीं देती, बल्कि उसके बाद चली कानूनी प्रक्रिया पर फोकस करती है।

अदालती कार्यवाही एक ऐसा टकराव भी पैदा करती है, जो सिर्फ़ सज़ा दिलाने की कोशिश तक सीमित नहीं है। बचाव पक्ष के वकील को जनता के भारी गुस्से के बावजूद एक आरोपी का पक्ष रखना होता है, वहीं निकम को केवल जनभावना के भरोसे नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के रास्ते केस लड़ना पड़ता है।

फिल्म निकम के घर-परिवार को भी दिखाती है। हिंदुस्तान टाइम्स लिखता है कि मुश्किल मुकदमों में डूबे रहने की वजह से उनकी पत्नी और बच्चों को लंबे समय तक उनकी ग़ैरमौजूदगी झेलनी पड़ती है। इससे कहानी में दूसरी परत जुड़ती है: भारी दबाव वाली प्रोफ़ेशनल ज़िंदगी की क़ीमत, जो मुख्य किरदार के सबसे क़रीबी लोग चुकाते हैं।

यह चित्रण नाटकीय है, इसलिए फिल्म को ऐतिहासिक रिपोर्टिंग या कानूनी दस्तावेज़ों का विकल्प नहीं मानना चाहिए। NDTV ने एक अहम अंतर की ओर ध्यान दिलाया है: असल ज़िंदगी के कई डिफ़ेंस वकीलों को मिलाकर सिकंदर खेर का काल्पनिक किरदार बनाया गया है। जो दर्शक जानना चाहते हैं कि फिल्म ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को परदे पर कैसे ढाला है, उनके लिए यह बात मायने रखती है।

प्रहार मूवी रिव्यू: NDTV बनाम हिंदुस्तान टाइम्स

NDTV और हिंदुस्तान टाइम्स, दोनों ने प्रहार को तीन-तीन स्टार दिए, लेकिन दोनों की नज़र अलग-अलग बातों पर रही। मामला सिर्फ़ इतना नहीं कि एक समीक्षक को फिल्म पसंद आई और दूसरे को नहीं। दोनों ने इसकी ख़ूबियां मानीं; मतभेद इस पर है कि पूरी कहानी में वे ख़ूबियां कितनी मज़बूती से एक साथ टिकी रहती हैं।

NDTV ने किन बातों की तारीफ़ की

NDTV के समीक्षक सैबल चटर्जी (Saibal Chatterjee) ने राजकुमार राव की अदाकारी को फिल्म की रीढ़ बताया और कसाब के रूप में ललित प्रभाकर के कायापलट की खुलकर सराहना की। रिव्यू में यह भी रेखांकित किया गया कि फिल्म कानूनी प्रक्रिया को संयम से पेश करती है और हर अदालती पल को ज़रूरत से ज़्यादा नाटकीय भिड़ंत में नहीं बदलती।

इस समीक्षा का एक और अहम बिंदु बचाव पक्ष के वकील का चित्रण है। कहानी यह स्वीकार करती है कि किसी आरोपी की पैरवी करना न्याय व्यवस्था का हिस्सा है, भले ही जनमत पूरी तरह उसके ख़िलाफ़ हो। इससे टकराव में कानूनी और नैतिक आयाम जुड़ता है और कोर्टरूम महज़ हीरो बनाम विलेन का अखाड़ा नहीं रह जाता।

कुल मिलाकर NDTV का आकलन है कि फिल्म ज़्यादातर अपनी पटरी पर बनी रहती है। यहां पढ़ें NDTV का पूरा रिव्यू।

प्रहार फिल्म – वह ट्रायल जिस पर पूरे भारत की नज़र थी

हिंदुस्तान टाइम्स ने कहां कमी देखी

हिंदुस्तान टाइम्स के समीक्षक ऋषभ सूरी (Rishabh Suri) ने भी राव के अभिनय को सराहा, मगर उन्हें फिल्म तब कम सधी हुई लगी जब वह कोर्ट केस और निकम की पारिवारिक ज़िंदगी के बीच आवाजाही करती है। उनके रिव्यू के अनुसार फिल्म कभी-कभी एक कसे हुए लीगल ड्रामा और फैमिली सागा के बीच फंसी नज़र आती है।

यह आलोचना धीमी पेसिंग की आम शिकायत से कहीं ज़्यादा सटीक है। सवाल इस बात का है कि फिल्म अपने मुख्य केस और नायक की निजी कहानी के बीच ध्यान किस तरह बांटती है। पारिवारिक हिस्से संदर्भ तो देते हैं, लेकिन रिव्यू का तर्क है कि कुछ भटकाव उस रफ़्तार को कमज़ोर कर देते हैं, जो अदालती कार्यवाही ने बनाई थी।

पढ़ें हिंदुस्तान टाइम्स का पूरा रिव्यू।

दर्शकों के लिए इन दोनों समीक्षाओं का मतलब

दोनों रिव्यू दो मुख्य बातों पर एकमत हैं: राजकुमार राव फिल्म की सबसे बड़ी ताक़त हैं, और इसके केंद्र में असल ज़िंदगी का एक दमदार केस है। अंतर पूरे एग्ज़ीक्यूशन को लेकर है। NDTV फिल्म के संयम और फोकस को उसकी ख़ूबी मानता है, जबकि हिंदुस्तान टाइम्स की राय में कानूनी कार्यवाही और फैमिली ड्रामा के बीच का आना-जाना कहीं-कहीं असर घटा देता है।

यानी अगर आपकी दिलचस्पी कानूनी प्रक्रिया, दमदार परफ़ॉर्मेंस और किसी हाई-प्रोफ़ाइल ट्रायल से जुड़े नैतिक सवालों में है, तो प्रहार आपको ज़्यादा भा सकती है। जो लोग बिना रुकावट वाले कोर्टरूम थ्रिलर की उम्मीद लेकर जाएंगे, उन्हें हिंदुस्तान टाइम्स के बताए कहानी के मोड़ ज़्यादा खटक सकते हैं।

ध्यान दें: यह तुलना प्रकाशित समीक्षाओं पर आधारित है, इसमें फिल्म ख़ुद देखकर राय देने का दावा नहीं किया गया है।

प्रहार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

बॉलीवुड हंगामा (Bollywood Hungama) के बॉक्स ऑफिस पेज पर प्रहार के ओपनिंग वीकेंड के ये आंकड़े दर्ज हैं:

कलेक्शन की श्रेणीरिपोर्ट की गई रकम
शुक्रवार, 16 अक्टूबर₹2.20 करोड़
शनिवार, 17 अक्टूबर₹3.25 करोड़
रविवार, 18 अक्टूबर₹3.50 करोड़
ओपनिंग वीकेंड, इंडिया नेट₹8.95 करोड़
इंडिया ग्रॉस₹10.65 करोड़
वर्ल्डवाइड ग्रॉस₹11.60 करोड़

स्रोत: बॉलीवुड हंगामा की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट।

ये आंकड़े स्रोत द्वारा प्रकाशित अनुमान हैं। ख़ुद स्रोत के मुताबिक़ उसका बॉक्स ऑफिस डेटा कई जगहों से जुटाया जाता है और अनुमानित हो सकता है। ₹8.95 करोड़ ओपनिंग वीकेंड का इंडिया नेट कलेक्शन है, ₹10.65 करोड़ दर्ज इंडिया ग्रॉस है और ₹11.60 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस। तीनों अलग-अलग पैमाने हैं, इसलिए इन्हें एक ही माप समझकर आपस में नहीं मिलाना चाहिए।

द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) ने अलग से पहले तीन दिनों की कमाई क़रीब ₹9.15 करोड़ बताई थी। चूंकि अलग-अलग रिपोर्टों के कुल आंकड़े मेल नहीं खाते, इसलिए यहां अलग स्रोतों के नंबर जोड़ने के बजाय बॉलीवुड हंगामा का श्रेणीवार ब्योरा ही लगातार इस्तेमाल किया गया है।

ये शुरुआती वीकेंड के आंकड़े हैं, लाइफ़टाइम कलेक्शन नहीं। आगे की कमाई से तस्वीर बदल भी सकती है।

प्रहार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन – कोर्टरूम के अंदर का दृश्य

प्रहार OTT रिलीज़ डेट और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म

19 अक्टूबर 2026 को जांच करने पर JustWatch के प्रहार के इंडिया स्ट्रीमिंग पेज पर किसी पुष्ट ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्रोवाइडर का नाम नहीं था, और वहां फिल्म को सिनेमाघरों में ही उपलब्ध बताया गया था।

फ़िलहाल यहां किसी OTT प्लेटफ़ॉर्म या रिलीज़ तारीख़ को कन्फ़र्म नहीं बताया जा रहा है। जैसे ही कोई स्ट्रीमिंग सर्विस या प्रोडक्शन कंपनी भरोसेमंद घोषणा करेगी, यह जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रहार कब रिलीज़ हुई?

प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम 16 अक्टूबर 2026 को थिएटर्स में आई।

फिल्म में उज्ज्वल निकम का रोल किसने निभाया है?

सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के किरदार में राजकुमार राव हैं।

प्रहार का निर्देशन किसने किया है?

इसे अविनाश अरुण ने डायरेक्ट किया है और मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजन ने प्रोड्यूस किया है।

प्रहार किस बारे में है?

फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद अजमल कसाब के ख़िलाफ़ चली अदालती कार्यवाही को नाटकीय अंदाज़ में दिखाती है। इसका फोकस अभियोजक उज्ज्वल निकम और उनके कठिन करियर से प्रभावित होने वाले लोगों पर है।

प्रहार का ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन कितना रहा?

बॉलीवुड हंगामा के अनुसार ओपनिंग वीकेंड में फिल्म ने ₹8.95 करोड़ इंडिया नेट, ₹10.65 करोड़ इंडिया ग्रॉस और ₹11.60 करोड़ वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाए। ये स्रोत की ओर से बताए गए अनुमानित आंकड़े हैं।

क्या प्रहार OTT पर उपलब्ध है?

19 अक्टूबर 2026 तक JustWatch इंडिया लिस्टिंग में कोई पुष्ट स्ट्रीमिंग प्रोवाइडर नहीं दिख रहा था। ताज़ा स्थिति के लिए लिस्टिंग और आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखें।

फ़ाइनल वर्डिक्ट

हमारे इस प्रहार मूवी रिव्यू का निचोड़ यह है कि प्रहार को लेकर समीक्षकों की बहस इसके विषय की अहमियत पर नहीं, बल्कि इसकी कहानी कहने के तरीक़े पर है। NDTV को कानूनी प्रक्रिया पर इसका फोकस और मुख्य कलाकारों का अभिनय पसंद आया; हिंदुस्तान टाइम्स को पारिवारिक ट्रैक कभी-कभार ध्यान भटकाने वाला लगा। यही अंतर संभावित दर्शकों को एक सीधी-सादी सिफ़ारिश से कहीं बेहतर आधार देता है, ताकि वे तय कर सकें कि फिल्म उनकी पसंद के हिसाब से है या नहीं।

तथ्यों की बात करें तो रिलीज़, रनटाइम और सर्टिफिकेशन की जानकारी मूवी लिस्टिंग और CBFC रिकॉर्ड से ली गई है, जबकि लिंक की गई बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कलेक्शन की श्रेणियां स्पष्ट करती है। नई घोषणाएं आने के साथ OTT से जुड़ी जानकारी बदल सकती है।

Ashish Kathiriya

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