सीधे लेख पर जाएं
बॉलीवुड

धमाल 4 रिव्यू: हंसी का धमाका, पर कुछ पल पहले से अंदाज़े लायक

इंद्र कुमार की धमाल 4 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में आई है। पढ़िए बिना स्पॉइलर वाला रिव्यू: कहानी, कलाकारों का अभिनय, कमियां और 8.7/10 रेटिंग।

इस लेख में18 sections
  1. धमाल 4 मूवी: एक नज़र में
  2. कहानी की झलक (बिना स्पॉइलर)
  3. धमाल 4 स्टारकास्ट और परफॉर्मेंस
  4. निर्देशन और स्क्रीनप्ले
  5. परिवार के साथ देखने लायक कॉमेडी
  6. म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर
  7. धमाल 4 मूवी रिव्यू: तकनीकी पक्ष
  8. धमाल 4 में क्या अच्छा लगा
  9. कहां फिल्म और बेहतर हो सकती थी
  10. जिन कलाकारों ने दिल जीता
  11. धमाल 4 किसे देखनी चाहिए?
  12. क्या धमाल 4 देखने लायक है?
  13. धमाल 4 OTT रिलीज़ अपडेट
  14. धमाल 4 बॉक्स ऑफिस से उम्मीदें
  15. धमाल 4 रिव्यू: फाइनल वर्डिक्ट
  16. रेटिंग ब्रेकडाउन
  17. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  18. निष्कर्ष

यह लेख अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध है — Read this article in English

धमाल (Dhamaal) फ्रैंचाइज़ी ने सालों में अपना एक पक्का फैन बेस तैयार किया है, और इसकी वजह है स्लैपस्टिक कॉमेडी, यादगार किरदार और पागलपन से भरे एडवेंचर का अनोखा मेल। लंबे इंतज़ार के बाद धमाल 4 (Dhamaal 4) आखिरकार 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में आ चुकी है, जिसमें पुराने जाने-पहचाने चेहरे लौटे हैं और कुछ नए कलाकार भी जुड़े हैं। इंद्र कुमार (Indra Kumar) के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक और मज़ेदार खज़ाने की खोज का वादा करती है, जिसमें अचानक आने वाले ट्विस्ट, हंसाने वाली गलतफहमियां और बड़े पैमाने की कॉमेडी है। इस धमाल 4 रिव्यू में हम बताएंगे कि फिल्म उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

आजकल की कई कॉमेडी फिल्में इंटरनेट जोक्स या ज़बरदस्ती के ह्यूमर पर टिकी रहती हैं, लेकिन धमाल सीरीज़ ने हमेशा सिचुएशनल कॉमेडी और अपनी पूरी स्टारकास्ट की केमिस्ट्री पर भरोसा किया है। यही विरासत चौथे भाग से उम्मीदें अपने आप बढ़ा देती है।

तो सवाल यह है कि क्या धमाल 4 अपने पिछले भागों वाला जादू दोबारा जगा पाती है, या सिर्फ पुरानी यादों के सहारे चलती है? नीचे पढ़िए बिना स्पॉइलर वाला विस्तृत रिव्यू, ताकि आप तय कर सकें कि यह फिल्म आपकी वीकेंड वॉचलिस्ट में जगह पाने लायक है या नहीं।

धमाल 4 मूवी: एक नज़र में

विवरणजानकारी
फिल्म का नामधमाल 4 (Dhamaal 4)
रिलीज़ डेट10 जुलाई 2026
जॉनरएडवेंचर, कॉमेडी
रनटाइम2 घंटे 23 मिनट
भाषाहिंदी
सर्टिफिकेशनUA 13+
निर्देशकइंद्र कुमार
लेखकपरितोष पेंटर (Paritosh Painter), वेद प्रकाश (Vedd Prakash), बंटी राठौर (Bunty Rathore)
मुख्य कलाकारअजय देवगन (Ajay Devgn), अरशद वारसी (Arshad Warsi), रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh), जावेद जाफरी (Jaaved Jaaferi), रवि किशन (Ravi Kishan), अंजलि आनंद (Anjali Anand), संजय मिश्रा (Sanjay Mishra), ईशा गुप्ता (Esha Gupta) और अन्य

कहानी की झलक (बिना स्पॉइलर)

बड़े ट्विस्ट खोले बिना बताएं तो धमाल 4 एक और बेलगाम एडवेंचर है, जहां अजीबोगरीब किरदारों की एक टोली एक रहस्यमयी खज़ाने के पीछे भागती है। शुरुआत में जो काम आसान मिशन लगता है, वह जल्द ही हास्यास्पद हादसों, गलतफहमियों, अनचाही दुश्मनियों और अफरा-तफरी की ऐसी श्रृंखला बन जाता है जो हर किरदार के सब्र और किस्मत दोनों की परीक्षा लेती है।

कहानी भावनात्मक रूप से भारी या ज़रूरत से ज़्यादा उलझी हुई बनने की कोशिश नहीं करती। यह फ्रैंचाइज़ी की पहचान पर कायम रहते हुए हल्के-फुल्के मनोरंजन पर ध्यान देती है, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सकता है। कॉमेडी और एडवेंचर का संतुलन ऐसा है कि रफ्तार ज़्यादा देर तक धीमी नहीं पड़ती।

पुराने फैंस को मूल आइडिया भले ही परिचित लगे, पर स्क्रीनप्ले में इतनी नई परिस्थितियां हैं कि कहानी दिलचस्प बनी रहती है। लेखकों ने धमाल का सिग्नेचर फॉर्मूला अपनाया ज़रूर है, फिर भी फिल्म को पिछली किस्तों की सीधी नकल बनने से बचाया है।

धमाल 4 स्टारकास्ट और परफॉर्मेंस

इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बेशक इसकी मल्टीस्टारर कास्ट है। हर अभिनेता फ्रैंचाइज़ी का मिज़ाज समझता है और दूसरों पर हावी हुए बिना कॉमेडी में अपना योगदान देता है।

अजय देवगन

अजय देवगन फिर साबित करते हैं कि वे कमर्शियल एंटरटेनर्स में कितनी आसानी से फिट हो जाते हैं। उनके सपाट चेहरे वाले रिएक्शन अक्सर खुद जोक्स से भी ज़्यादा मज़ेदार लगते हैं और पूरी फिल्म में कई यादगार पल बनाते हैं। ओवरएक्टिंग के बजाय वे हालात को ही ह्यूमर पैदा करने देते हैं।

अरशद वारसी

अरशद वारसी इस फ्रैंचाइज़ी के सबसे मज़बूत कॉमिक स्तंभों में बने हुए हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग आज भी धारदार है, और उनके कई सीन ठीक वैसी हंसी देते हैं जिसकी दर्शक धमाल फिल्म से अपेक्षा रखते हैं।

रितेश देशमुख

रितेश देशमुख अपनी खास एनर्जी और भाव-भंगिमाओं वाले कॉमिक अंदाज़ के साथ परदे पर छा जाते हैं। बाकी कलाकारों के साथ उनकी नोकझोंक फिल्म के सबसे मनोरंजक दृश्यों में गिनी जा सकती है।

जावेद जाफरी

पहली फिल्मों के चाहने वालों को जावेद जाफरी की वापसी ज़रूर भाएगी। उनके अनोखे एक्सप्रेशन, बॉडी लैंग्वेज और सहज कॉमिक डिलीवरी पुरानी यादें ताज़ा करती हैं, और नए दर्शकों को भी ताज़गी भरी लगती हैं।

सपोर्टिंग कास्ट

रवि किशन, संजय मिश्रा, अंजलि आनंद, ईशा गुप्ता, उपेंद्र लिमये (Upendra Limaye) और संजीदा शेख (Sanjeeda Shaikh) जैसे कलाकार असरदार योगदान देते हैं, और फिल्म भीड़भाड़ वाली महसूस नहीं होती। स्क्रीन टाइम कम होने के बावजूद कई सहायक किरदार दर्शकों के ज़ेहन में अपनी छाप छोड़ जाते हैं।

धमाल 4 रिव्यू - समुद्र में एडवेंचर वाला सीन

निर्देशन और स्क्रीनप्ले

निर्देशक इंद्र कुमार अच्छी तरह जानते हैं कि धमाल फ्रैंचाइज़ी से दर्शक क्या चाहते हैं। सीरीज़ को नए सिरे से गढ़ने की बजाय वे वही परोसते हैं जिसके लिए फैंस टिकट खरीदते हैं: मज़ेदार परिस्थितियों से भरी एक तेज़-रफ्तार कॉमेडी।

स्क्रीनप्ले मुख्य एडवेंचर तक पहुंचने में ज़्यादा वक्त बर्बाद नहीं करता। कहानी एक बार चल पड़ी तो उसकी गति शायद ही कहीं टूटती है। हर बड़ा सीक्वेंस स्वाभाविक ढंग से अगली कॉमिक गलतफहमी तक ले जाता है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहती है।

कुछ जोक्स बाकियों से बेहतर काम करते हैं, जो स्वाभाविक है, लेकिन फिल्म समझदारी से किसी एक तरह की कॉमेडी पर निर्भर नहीं रहती। फिज़िकल ह्यूमर, संवादों की जुगलबंदी, गलत पहचान, विज़ुअल गैग्स और एक्शन वाली कॉमेडी, सभी को पर्याप्त जगह मिलती है, जिससे विविधता आती है।

फिल्म ऐसे फालतू इमोशनल ड्रामे से भी बचती है जो कहानी को सुस्त कर सकता था। इसका मकसद साफ है, मनोरंजन, और यह ज़्यादातर उसी पर टिकी रहती है।

परिवार के साथ देखने लायक कॉमेडी

कॉमेडी की पसंद हर किसी की अलग होती है, फिर भी धमाल 4 एक बड़े दर्शक वर्ग को लुभाने में कामयाब रहती है।

पूरी तरह पॉप कल्चर रेफरेंस या सोशल मीडिया मीम्स पर टिकने के बजाय, कई मज़ेदार पल किरदारों के आपसी व्यवहार और बेतुकी परिस्थितियों से निकलते हैं। इस तरीके से कॉमेडी लंबे समय तक ताज़ा रहती है और अलग-अलग उम्र के दर्शकों तक पहुंचती है।

साथ बैठकर देखने वाले परिवारों को साफ-सुथरा ह्यूमर और एडवेंचर पर केंद्रित कहानी पसंद आने की संभावना है। हो सकता है कुछ जोक्स हर किसी पर एक जैसा असर न करें, मगर कुल मिलाकर एंटरटेनमेंट लगातार आनंददायक बना रहता है।

फिल्म खासतौर पर उन ग्रुप सीन्स में चमकती है जहां कई किरदार एक ही अफरा-तफरी पर अलग-अलग तरह से रिएक्ट करते हैं। यही पल उस क्लासिक धमाल वाले अंदाज़ को पकड़ते हैं जिसने पहले की फिल्मों को इतना लोकप्रिय बनाया था।

म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर

साउंडट्रैक फिल्म के जोशीले माहौल का साथ देता है, लेकिन कहानी पर हावी नहीं होता। जोशीले गाने सही मौकों पर आते हैं और फिल्म का जीवंत टोन बनाए रखते हैं।

हाल ही में रिलीज़ हुए प्रमोशनल ट्रैक ने फिल्म आने से पहले ही फैंस का ध्यान खींच लिया था, जो फ्रैंचाइज़ी के मस्तमौला मिज़ाज को दर्शाता है।

इससे भी ज़रूरी बात यह कि बैकग्राउंड स्कोर कॉमेडी को अच्छे से सपोर्ट करता है। ज़बरदस्ती हंसाने की कोशिश करने की बजाय यह चेज़ सीक्वेंस, गलतफहमियों और विज़ुअल गैग्स के दौरान कॉमिक टाइमिंग को और निखारता है।

धमाल 4 मूवी रिव्यू: तकनीकी पक्ष

तकनीकी नज़रिए से धमाल 4 एक चमकदार कमर्शियल फिल्म है।

सिनेमैटोग्राफी रंग-बिरंगी लोकेशंस और बड़े पैमाने के एडवेंचर सीक्वेंस को आत्मविश्वास के साथ कैद करती है। कैमरे की मूवमेंट में जोश है, जो कहानी की तेज़ रफ्तार से मेल खाता है।

एडिटिंग भी एक मज़बूत पहलू है। लगभग 2 घंटे 23 मिनट के रनटाइम के बावजूद फिल्म आमतौर पर अच्छी गति बनाए रखती है, और बहुत कम दृश्य बेवजह खिंचे हुए लगते हैं।

विज़ुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से एक्शन और एडवेंचर को सहारा देने के लिए हुआ है, कहानी पर छा जाने के लिए नहीं। हर इफेक्ट क्रांतिकारी भले न लगे, पर फिल्म के कॉमिक अंदाज़ में वे अपना काम बखूबी करते हैं।

धमाल 4 मूवी में ज़हरीले सांप से सामने वाला सीन

धमाल 4 में क्या अच्छा लगा

किसी भी कामयाब कॉमेडी फिल्म को चुटकुलों के ढेर से ज़्यादा की ज़रूरत होती है, उसे ऐसे किरदार चाहिए जो सहज ढंग से मज़ेदार हालात पैदा कर सकें। धमाल 4 इस मामले में सफल रहती है, क्योंकि कलाकारों की केमिस्ट्री ही फिल्म की धड़कन है।

इसकी एक बड़ी खूबी यह है कि यह एक गैग से दूसरे गैग की ओर हड़बड़ी में नहीं भागती। कई कॉमिक पल गलतफहमियों, अप्रत्याशित प्रतिक्रियाओं और किरदारों के व्यक्तित्व से धीरे-धीरे पनपते हैं। यह अंदाज़ शुरुआती धमाल फिल्मों के करीब लगता है और ज़्यादातर रनटाइम में ह्यूमर को मनोरंजक बनाए रखता है।

दूसरा प्लस पॉइंट है फिल्म की व्यापक अपील। दोस्तों के साथ देखें या परिवार के साथ, कहानी हर तरह के दर्शक के लिए सुलभ है। यह ज़्यादा गंभीर हुए बिना इतनी रफ्तार बनाए रखती है कि दर्शक बंधे रहें।

प्रोडक्शन वैल्यू भी तारीफ के काबिल है। रंगीन विज़ुअल्स, ऊर्जा से भरा बैकग्राउंड स्कोर और सोच-समझकर बनाए गए एक्शन-कॉमेडी सीक्वेंस फिल्म को एक पॉलिश्ड कमर्शियल लुक देते हैं। केवल विज़ुअल इफेक्ट्स के भरोसे रहने के बजाय फिल्ममेकर्स ने ऐसी मनोरंजक परिस्थितियां रचने पर ध्यान दिया है जो एडवेंचर में स्वाभाविक रूप से घुल-मिल जाती हैं।

कहां फिल्म और बेहतर हो सकती थी

मनोरंजक होने के बावजूद धमाल 4 कमियों से अछूती नहीं है।

कुछ हिस्से एक अनुमानित पैटर्न पर चलते हैं, जिसे फ्रैंचाइज़ी के फैंस पहचान लेंगे। चूंकि पिछली फिल्मों ने एक तय फॉर्मूला बना दिया है, इसलिए कुछ मोड़ चौंकाने की बजाय पहले से अंदाज़ा लगाने लायक लगते हैं।

कुछ जोक्स का असर भी ऊपर-नीचे होता है। कई कॉमेडी सीन सच्ची हंसी लाते हैं, तो कुछ का मज़ा निजी पसंद पर निर्भर करेगा। जो दर्शक बारीक या बौद्धिक व्यंग्य की तलाश में हैं, उन्हें यहां का ह्यूमर जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया हुआ लग सकता है, क्योंकि फिल्म खुलकर क्लासिक स्लैपस्टिक कॉमेडी अपनाती है।

करीब 2 घंटे 23 मिनट की लंबाई कहीं-कहीं थोड़ी ज़्यादा महसूस होती है। कुछ दृश्यों को कसा जाता तो कहानी पर असर डाले बिना पूरी फिल्म की गति और बेहतर हो सकती थी।

हालांकि ये खामियां फिल्म के मनोरंजन मूल्य को ज़्यादा कम नहीं करतीं। बस ये इसे फ्रैंचाइज़ी का पूरी तरह नया अवतार बनने से रोक देती हैं।

जिन कलाकारों ने दिल जीता

फिल्म भले ही एक एन्सेंबल कॉमेडी के रूप में काम करती है, फिर भी कुछ परफॉर्मेंस का अलग से ज़िक्र बनता है।

अजय देवगन का अभिनय संयमित है, जिसमें कॉमेडी और उनकी पहचान बन चुकी स्क्रीन प्रेज़ेंस का अच्छा संतुलन दिखता है। कन्फ्यूज़न और अचानक आने वाले ट्विस्ट वाले दृश्यों में उनके हाव-भाव और टाइमिंग खास तौर पर असर छोड़ते हैं।

अरशद वारसी दिखा देते हैं कि वे आज भी बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद कॉमेडी एक्टर्स में क्यों गिने जाते हैं। उनकी स्वाभाविक डायलॉग डिलीवरी और बेझिझक रिएक्शन कई यादगार लम्हे रचते हैं।

रितेश देशमुख का उत्साह और कॉमिक जोश फिल्म के टोन से पूरी तरह मेल खाता है। बाकी कलाकारों के साथ उनके सीन अक्सर कहानी की हाइलाइट बन जाते हैं।

जावेद जाफरी अपने निराले अंदाज़ को बरकरार रखते हुए पुरानी यादों का तड़का लगाते हैं। सीरीज़ के पुराने फैंस उन्हें एक और अफरा-तफरी भरे सफर में लौटते देख शायद खुश होंगे।

सहायक कलाकारों का योगदान भी कारगर है। कई सपोर्टिंग किरदार सिर्फ छोटी-सी झलक तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कॉमेडी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

धमाल 4 किसे देखनी चाहिए?

अगर आपको ऐसे हल्के-फुल्के बॉलीवुड एंटरटेनर पसंद हैं जिनमें भारी भावनात्मक जुड़ाव की ज़रूरत न पड़े, तो धमाल 4 आपकी पसंद पर खरी उतर सकती है।

यह फिल्म खास तौर पर इनके लिए है:

  • पिछली धमाल फिल्मों के फैंस।
  • वे परिवार जो साथ बैठकर साफ-सुथरी कॉमेडी देखना चाहते हैं।
  • मल्टीस्टारर कास्ट और एडवेंचर वाले ह्यूमर के शौकीन दर्शक।
  • वे लोग जो गंभीर ड्रामा की जगह वीकेंड पर मज़ेदार टाइमपास चाहते हैं।

लेकिन अगर आप गहरी भावनात्मक परतों, जटिल कैरेक्टर डेवलपमेंट या प्रयोगधर्मी फिल्ममेकिंग की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपकी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी नहीं उतरेगी। इसका एकमात्र मकसद सीधा-सादा है: मनोरंजन करना।

धमाल 4 फिल्म का पहाड़ पर रेस्क्यू सीन

क्या धमाल 4 देखने लायक है?

कमर्शियल हिंदी कॉमेडी के शौकीनों के लिए जवाब है: हां।

फिल्म उस पहचान के प्रति वफादार रहती है जिसने फ्रैंचाइज़ी को लोकप्रिय बनाया, और साथ ही इतनी नई परिस्थितियां जोड़ती है कि पिछली किस्तों का दोहराव न लगे। यह कॉमेडी जॉनर को नई परिभाषा नहीं देती, लेकिन वह सब कुछ देने में सफल रहती है जो ज़्यादातर दर्शक एक धमाल फिल्म से चाहते हैं: मज़ेदार किरदार, बेतहाशा एडवेंचर और ढेर सारी हंसी।

इसकी सबसे बड़ी खूबी निरंतरता है। किसी एक दमदार सीक्वेंस पर निर्भर रहने के बजाय फिल्म अपना मनोरंजन पूरे रनटाइम में बांटती है, जिससे थिएटर का अनुभव सुखद बनता है।

धमाल 4 OTT रिलीज़ अपडेट

फिलहाल मेकर्स ने धमाल 4 के OTT स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म या डिजिटल रिलीज़ डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

आमतौर पर बड़ी हिंदी थिएट्रिकल फिल्में सिनेमाघरों में चलने के कुछ हफ्तों बाद स्ट्रीमिंग पर आती हैं, लेकिन सटीक समय निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूशन समझौतों पर निर्भर करता है। जब तक आधिकारिक ऐलान न हो, ऑनलाइन अफवाहों के बजाय पुष्ट अपडेट पर ही भरोसा करना बेहतर है।

धमाल 4 बॉक्स ऑफिस से उम्मीदें

धमाल फ्रैंचाइज़ी पहले से एक मज़बूत ब्रांड है, इसलिए धमाल 4 ने दर्शकों की अच्छी-खासी दिलचस्पी के साथ सिनेमाघरों में कदम रखा।

एडवांस बुकिंग और शुरुआती चर्चा से फैंस, खासकर सालों से सीरीज़ को फॉलो करने वालों, में अच्छा उत्साह दिखा। फिर भी बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का लंबा सफर दर्शकों की वर्ड ऑफ माउथ, आने वाली फिल्मों से मुकाबले और ओपनिंग वीकेंड के प्रदर्शन पर टिका रहेगा।

सिर्फ पहले दिन के आंकड़ों पर नज़र रखने के बजाय यह देखना ज़्यादा मायने रखेगा कि आने वाले हफ्तों में फिल्म का कलेक्शन स्थिर बना रहता है या नहीं।

धमाल 4 रिव्यू: फाइनल वर्डिक्ट

धमाल 4 बॉलीवुड कॉमेडी को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश नहीं करती, और इसे इसकी ज़रूरत भी नहीं है। फिल्म अपने दर्शकों को पहचानती है और एडवेंचर, कन्फ्यूज़न और फैमिली-फ्रेंडली ह्यूमर का वही जाना-पहचाना मिश्रण पेश करती है, जो शुरू से इस फ्रैंचाइज़ी की पहचान रहा है।

मुख्य कलाकारों की केमिस्ट्री, तेज़ पेसिंग, रंगीन प्रस्तुति और मनोरंजक कॉमिक हालात इसे उन दर्शकों के लिए संतोषजनक बनाते हैं जो बिना उलझन वाला मज़ा चाहते हैं।

कुछ अनुमानित पल और थोड़ी लंबी अवधि इसे सीरीज़ की सबसे दमदार फिल्म बनने से रोकते हैं, फिर भी यह एक मनोरंजक थिएट्रिकल एंटरटेनर के तौर पर कामयाब है।

अगर आपके अच्छे वीकेंड की परिभाषा में हंसी, एडवेंचर और पुरानी यादों वाली बॉलीवुड कॉमेडी शामिल है, तो धमाल 4 पर विचार ज़रूर करें।

रेटिंग ब्रेकडाउन

कैटेगरीरेटिंग
कहानी8/10
कॉमेडी9/10
अभिनय9/10
निर्देशन8.5/10
म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर8/10
तकनीकी गुणवत्ता8.5/10
फैमिली एंटरटेनमेंट9/10
ओवरऑल8.7/10

नोट: इस धमाल 4 रिव्यू की रेटिंग फिल्म की कहानी, अभिनय, मनोरंजन मूल्य और तकनीकी प्रस्तुति के आधार पर समीक्षक की निजी राय है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या धमाल 4 देखने लायक है?

हां। अगर आपको एडवेंचर और मल्टीस्टारर अभिनय से भरी फैमिली-फ्रेंडली बॉलीवुड कॉमेडी पसंद है, तो धमाल 4 सिनेमाघर में एक मनोरंजक अनुभव देती है।

क्या धमाल 4 बच्चों के देखने लायक है?

फिल्म को UA 13+ सर्टिफिकेट मिला है। छोटे बच्चों को थिएटर ले जाने से पहले माता-पिता को आधिकारिक आयु रेटिंग का ध्यान रखना चाहिए।

धमाल 4 का रनटाइम कितना है?

फिल्म की अवधि लगभग 2 घंटे 23 मिनट है।

धमाल 4 के निर्देशक कौन हैं?

धमाल 4 का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है, जो इस फ्रैंचाइज़ी की पिछली फिल्में भी डायरेक्ट कर चुके हैं।

धमाल 4 में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं?

फिल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, रवि किशन, अंजलि आनंद, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता समेत कई सहायक कलाकार नज़र आते हैं।

क्या धमाल 4 में पोस्ट-क्रेडिट सीन है?

स्पॉइलर से बचने के लिए यह रिव्यू पोस्ट-क्रेडिट से जुड़ी जानकारी नहीं खोलता। अगर आप जानना चाहते हैं, तो थिएटर में क्रेडिट्स खत्म होने तक रुकना फायदेमंद रहेगा।

धमाल 4 का ट्रेलर कहां देखें?

आधिकारिक ट्रेलर टी-सीरीज़ (T-Series) के YouTube चैनल पर उपलब्ध है।

निष्कर्ष

धमाल 4 ऊर्जावान कलाकारों, एडवेंचर से भरी कहानी और खुलकर हंसाने वाले ढेरों लम्हों के साथ फ्रैंचाइज़ी की हल्के-फुल्के मनोरंजन वाली परंपरा को आगे बढ़ाती है। हर दर्शक को कुछ बिल्कुल नया भले न मिले, पर फिल्म फैंस की उम्मीदों को समझती है और एक पॉलिश्ड कमर्शियल कॉमेडी देती है, जिसका असली मज़ा परिवार या दोस्तों के साथ आता है।

चाहे आप सीरीज़ के पुराने फॉलोअर हों या बस एक मज़ेदार बॉलीवुड एंटरटेनर ढूंढ रहे हों, धमाल 4 में इतना ह्यूमर, एडवेंचर और नॉस्टैल्जिया है कि थिएटर जाना वसूल हो जाए। अगर आप आरामदायक वीकेंड मूवी आउटिंग की योजना बना रहे हैं, तो यह नया अध्याय ठीक वैसा ही सहज मनोरंजन देता है जिसके लिए यह फ्रैंचाइज़ी हमेशा जानी जाती रही है।

Ashish Kathiriya