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बॉलीवुड की रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों का अपना एक वफ़ादार दर्शक वर्ग हमेशा से रहा है, और जब भी डेविड धवन (David Dhawan) कोई नई मसाला एंटरटेनर लेकर आते हैं, तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। उनकी फिल्में कॉमेडी, कन्फ्यूज़न, रोमांस, फैमिली ड्रामा और यादगार गानों के लिए पहचानी जाती हैं। है जवानी तो इश्क होना है रिव्यू की शुरुआत इसी बात से करनी होगी कि है जवानी तो इश्क होना है (Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai) के ज़रिए यह दिग्गज फिल्ममेकर एक बार फिर बड़े पर्दे पर रंग-बिरंगा मनोरंजन लेकर लौटे हैं।
वरुण धवन (Varun Dhawan), मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) और पूजा हेगड़े (Pooja Hegde) स्टारर यह फिल्म हंसी, रोमांस, भावुक पलों और भरपूर एंटरटेनमेंट का वादा करती है। फिल्म देखने के बाद साफ़ समझ आता है कि इसे मुख्य रूप से उन दर्शकों के लिए बनाया गया है जिन्हें क्लासिक बॉलीवुड स्टाइल की एंटरटेनर फिल्में पसंद हैं, न कि गंभीर या प्रयोगधर्मी सिनेमा।
मॉडर्न रिश्तों की उलझनों को पारंपरिक बॉलीवुड कहानी कहने के अंदाज़ के साथ जोड़ते हुए यह मूवी थिएटर में एक मज़ेदार अनुभव देने में कामयाब रहती है।
है जवानी तो इश्क होना है रिलीज़ डेट
है जवानी तो इश्क होना है दुनियाभर के सिनेमाघरों में 5 जून 2026 को रिलीज़ हुई।
दमदार स्टारकास्ट और डेविड धवन-वरुण धवन की हिट जोड़ी की वजह से यह फिल्म ज़बरदस्त चर्चा के साथ पर्दे पर आई। फैमिली ऑडियंस और कमर्शियल बॉलीवुड एंटरटेनर के शौकीन दर्शक इसे बड़े पर्दे पर देखने के लिए खास तौर पर उत्साहित थे।
फिल्म की पूरी जानकारी
- फिल्म का नाम: है जवानी तो इश्क होना है
- जॉनर: रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा
- निर्देशक: डेविड धवन
- निर्माता: रमेश तौरानी (Ramesh Taurani)
- मुख्य कलाकार: वरुण धवन, मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े
- सहायक कलाकार: मनीष पॉल (Maniesh Paul), जिमी शेरगिल (Jimmy Shergill), चंकी पांडे (Chunky Pandey), मौनी रॉय (Mouni Roy)
- रनटाइम: 2 घंटे 16 मिनट
- भाषा: हिंदी
है जवानी तो इश्क होना है की कहानी
कहानी जस नाम के एक शख़्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी शादीशुदा ज़िंदगी अलग-अलग प्राथमिकताओं और आपसी मतभेदों की वजह से डगमगाने लगती है। रिश्ते में संतुलन बनाए रखने की तमाम कोशिशों के बावजूद हालात धीरे-धीरे बिगड़ते जाते हैं और उसे अपने भविष्य को लेकर कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं।
नई शुरुआत की तलाश में जस अतीत का भावनात्मक बोझ पीछे छोड़कर विदेश चला जाता है। जो पहले उम्मीदों से भरा नया अध्याय लगता है, वह तब और पेचीदा हो जाता है जब वह अचानक एक और रोमांटिक सफ़र में उलझ जाता है।
नए रिश्ते बनने के साथ ही भावनात्मक गलतफहमियां और चौंकाने वाले खुलासे सब कुछ बदलने लगते हैं। जस खुद को बीते जज़्बातों, मौजूदा एहसासों और आने वाली ज़िम्मेदारियों के बीच फंसा हुआ पाता है।
फिल्म प्यार, वफ़ादारी, भरोसे, दूसरे मौके और कमिटमेंट जैसे विषयों को छूती है। भले ही कहानी जाना-पहचाना बॉलीवुड फॉर्मूला अपनाती है, लेकिन मनोरंजक प्रस्तुति और इमोशनल पलों की बदौलत यह बांधे रखती है।
इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक यह है कि यह रोमांस और कॉमेडी के बीच संतुलन बनाए रखती है और ज़रूरत से ज़्यादा ड्रामैटिक नहीं होती। ज़्यादातर समय माहौल हल्का-फुल्का रहता है, फिर भी जहां ज़रूरत होती है वहां भावुक दृश्य असर छोड़ते हैं।
ट्रेलर रिव्यू
ट्रेलर ने दर्शकों को पहले ही अंदाज़ा दे दिया था कि फिल्म का टोन क्या होगा और इसमें कितना मनोरंजन मिलने वाला है।
रंगीन विज़ुअल्स, जोशीले गानों, मज़ेदार सिचुएशंस और रोमांटिक लम्हों के दम पर ट्रेलर ने रिलीज़ से पहले ही उत्सुकता जगा दी थी। इसमें लीड एक्टर्स की केमिस्ट्री को उभारा गया और कई भावुक व हास्य से भरे पलों की झलक भी दिखाई गई।
समझदारी दिखाते हुए ट्रेलर में बड़े ट्विस्ट नहीं खोले गए, बल्कि पूरा फोकस फिल्म के एंटरटेनमेंट फैक्टर पर रखा गया। इससे दर्शकों की जिज्ञासा बढ़ी और सोशल मीडिया पर पॉज़िटिव माहौल बना।
ट्रेलर में दिखा संगीत, कॉमेडी सीक्वेंस और खूबसूरत लोकेशंस इसकी सबसे बड़ी हाइलाइट रहे।

वरुण धवन ने पूरे आत्मविश्वास से संभाली फिल्म
वरुण धवन एक बार फिर साबित करते हैं कि वे बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद एंटरटेनर्स में क्यों गिने जाते हैं।
पूरी फिल्म में उनकी कॉमिक टाइमिंग शानदार है और मज़ाकिया हालात को वे बड़ी सहजता से निभाते हैं। कई सीन तो सिर्फ़ उनकी नेचुरल एनर्जी और स्क्रीन प्रेज़ेंस की वजह से ही काम कर जाते हैं।
कॉमेडी के अलावा इमोशनल दृश्यों में भी वरुण अच्छे लगते हैं। उनका किरदार निजी उलझनों और मुश्किल फैसलों से गुज़रता है, और इन भावनाओं को वे विश्वसनीय तरीके से पर्दे पर उतारते हैं।
रोमांस हो, कन्फ्यूज़न हो, दिल टूटने का दर्द हो या ह्यूमर, हर रंग में फिल्म की असली ताकत वरुण ही हैं।
कमर्शियल एंटरटेनर में उन्हें पसंद करने वाले फैंस इस फिल्म में भी उनके काम की तारीफ़ ज़रूर करेंगे।
मृणाल ठाकुर की दमदार परफॉर्मेंस
मृणाल ठाकुर फिल्म में भावनात्मक गहराई और परिपक्वता लेकर आती हैं।
उनका अभिनय स्वाभाविक लगता है और कई अहम दृश्यों में वे वज़न जोड़ती हैं। उनका किरदार केवल रोमांटिक ट्रैक तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कहानी के इमोशनल सफ़र में अहम योगदान देता है।
वरुण धवन के साथ उनकी केमिस्ट्री अच्छी बनी है और पूरी फिल्म में वे आत्मविश्वास से भरी नज़र आती हैं।
उनकी मज़बूत स्क्रीन प्रेज़ेंस और रियलिस्टिक एक्टिंग स्टाइल की बदौलत कई भावुक पल और असरदार बन जाते हैं।
पूजा हेगड़े लाईं ग्लैमर और चार्म
कहानी में पूजा हेगड़े की भूमिका अहम है और वे फिल्म में ताज़गी घोलती हैं।
पर्दे पर वे कॉन्फिडेंट दिखती हैं और रोमांटिक कहानी को असरदार ढंग से आगे बढ़ाती हैं। बाकी लीड कलाकारों के साथ उनकी केमिस्ट्री जमती है और फिल्म का एनर्जेटिक मिज़ाज बनाए रखने में वे मदद करती हैं।
पूजा का किरदार रिश्तों के समीकरण में एक नया आयाम जोड़ता है, जिससे ऐसी परिस्थितियां बनती हैं जो कहानी को आगे धकेलती हैं।
सहायक कलाकारों का अभिनय
फिल्म का मनोरंजन स्तर बनाए रखने में सपोर्टिंग कास्ट की बड़ी भूमिका है।
मनीष पॉल कुछ सचमुच हंसाने वाले पल देते हैं और जब भी स्क्रीन पर आते हैं, कॉमिक एनर्जी बढ़ा देते हैं। उनकी वजह से कई सीन ठहाकों से भर जाते हैं।
जिमी शेरगिल, चंकी पांडे और मौनी रॉय ने भी अपने-अपने किरदार बखूबी निभाए हैं। मिलकर ये सभी वह कन्फ्यूज़न, अफ़रातफ़री और फैमिली ड्रामा रचते हैं जो कहानी का केंद्र बन जाता है।
निर्देशन और स्क्रीनप्ले
डेविड धवन उसी अंदाज़ पर टिके रहते हैं जिसने उन्हें बॉलीवुड के सबसे सफल कमर्शियल निर्देशकों में शुमार किया।
फिल्म कोई जटिल संदेश देने के बजाय दर्शकों का मनोरंजन करने पर ध्यान देती है। कॉमेडी, रोमांस, गलतफहमियां और पारिवारिक ड्रामा इस तरह घुले-मिले हैं कि सब कुछ जाना-पहचाना होते हुए भी मज़ेदार लगता है।
स्क्रीनप्ले आरामदायक रफ़्तार से चलता है और ज़्यादातर रनटाइम में दर्शकों को जोड़े रखता है।
कुछ मोड़ पहले से अंदाज़ा लगाए जा सकते हैं, मगर दिलचस्प ट्रीटमेंट फिल्म को उबाऊ नहीं होने देता।
डेविड धवन बखूबी जानते हैं कि उनके दर्शक क्या चाहते हैं, और वे ठीक वही परोसते हैं।
म्यूज़िक रिव्यू
बॉलीवुड एंटरटेनर्स में संगीत हमेशा से अहम हिस्सा रहा है, और है जवानी तो इश्क होना है भी इस परंपरा को आगे बढ़ाती है।
साउंडट्रैक में जोशीले डांस नंबर, रोमांटिक धुनें और पुराने लोकप्रिय गानों के रीक्रिएटेड वर्ज़न शामिल हैं।
टाइटल ट्रैक जोश भर देता है और फिल्म की युवा ऊर्जा से पूरी तरह मेल खाता है। चुनरी चुनरी (Chunnari Chunnari) का नया वर्ज़न पुरानी यादें ताज़ा करता है और नई पीढ़ी को भी लुभाता है।
गाने देखने में आकर्षक हैं और कहानी में स्वाभाविक रूप से फिट बैठते हैं।
संगीत प्रेमियों को इसमें ऐसे कई ट्रैक मिलेंगे जो थिएटर से निकलने के बाद भी ज़ुबान पर बने रहेंगे।
सिनेमैटोग्राफी और विज़ुअल अपील
देखने में यह फिल्म जीवंत और स्टाइलिश है।
मेकर्स ने खूबसूरत इंटरनेशनल लोकेशंस, रंगीन प्रोडक्शन डिज़ाइन और पॉलिश्ड सिनेमैटोग्राफी के ज़रिए एक आकर्षक विज़ुअल अनुभव तैयार किया है।
भव्य गानों के सीक्वेंस और चटख कलर पैलेट फिल्म के एंटरटेनमेंट वैल्यू को और बढ़ा देते हैं।
हर फ्रेम में ऊर्जा है जो मूवी के खुशनुमा माहौल को मज़बूत करती है।
बड़े पर्दे पर ये विज़ुअल्स खास तौर पर प्रभावशाली लगते हैं।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
इस फिल्म का सबसे सकारात्मक पहलू दर्शकों की प्रतिक्रिया रहा है।
कई दर्शकों ने इसके हल्के-फुल्के अंदाज़, परिवार के साथ देखने लायक मनोरंजन और मज़ेदार परफॉर्मेंस की सराहना की। गंभीर ड्रामा की बजाय एक मस्ती भरा बॉलीवुड अनुभव चाहने वाले दर्शकों से यह मूवी खास तौर पर जुड़ी।
कॉमेडी सीक्वेंस और गानों पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली, वहीं वरुण धवन का अभिनय फिल्म की सबसे ज़्यादा सराही गई चीज़ों में शामिल रहा।
है जवानी तो इश्क होना है बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
फिल्म की ओपनिंग को दर्शकों की अच्छी दिलचस्पी मिली और थिएट्रिकल रन के दौरान यह लोगों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही।
फैमिली ऑडियंस के बीच पॉज़िटिव वर्ड-ऑफ-माउथ ने ओपनिंग वीकेंड के बाद भी रफ़्तार बनाए रखी। कॉमेडी, रोमांस, संगीत और स्टार पावर के मेल ने इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में बड़ा योगदान दिया।
मूवी ने वर्ल्डवाइड ₹70 करोड़ का आंकड़ा पार किया और हाल की बॉलीवुड रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों में एक सम्मानजनक परफॉर्मर के रूप में अपनी जगह बनाई।
फिल्म में क्या अच्छा लगा
- वरुण धवन की मनोरंजक परफॉर्मेंस
- डेविड धवन का सिग्नेचर कॉमेडी स्टाइल
- लीड कलाकारों के बीच बढ़िया केमिस्ट्री
- कैची गाने और जोशीला संगीत
- परिवार के साथ देखने लायक एंटरटेनमेंट
- आकर्षक विज़ुअल्स और लोकेशंस

कहां रह गई कमी
- कहानी के कुछ मोड़ प्रेडिक्टेबल लगते हैं
- कुछ भावुक पलों में और गहराई की ज़रूरत थी
- कुछ सहायक किरदारों को ज़्यादा स्क्रीन टाइम मिलना चाहिए था
इन कमियों के बावजूद फिल्म शुरू से आख़िर तक मनोरंजक बनी रहती है।
फाइनल वर्डिक्ट: है जवानी तो इश्क होना है रिव्यू
है जवानी तो इश्क होना है जो वादा करती है, वह बखूबी निभाती है — रोमांस, कॉमेडी, फैमिली ड्रामा, संगीत और भरपूर मनोरंजन।
डेविड धवन अपने सिग्नेचर स्टाइल से नहीं हटते, जबकि वरुण धवन फिर दिखा देते हैं कि वे बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद एंटरटेनर्स में क्यों हैं। मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े मज़बूत साथ देती हैं, और संगीत फिल्म के जोशीले माहौल को बरकरार रखता है।
कहानी भले ही परिचित बॉलीवुड फॉर्मूले पर चलती हो, लेकिन असरदार अभिनय और मनोरंजक प्रस्तुति इसे देखने लायक बनाते हैं।
अगर आप हंसी, रोमांस, जज़्बात और रंगीन विज़ुअल्स से भरी एक हल्की-फुल्की बॉलीवुड फिल्म की तलाश में हैं, तो है जवानी तो इश्क होना है आपको निराश नहीं करेगी।
रेटिंग
कहानी: 3.5/5
अभिनय: 4/5
संगीत: 4/5
निर्देशन: 4/5
एंटरटेनमेंट वैल्यू: 4/5
ओवरऑल रेटिंग: 4/5
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
है जवानी तो इश्क होना है की रिलीज़ डेट क्या है?
यह फिल्म 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी।
है जवानी तो इश्क होना है में लीड रोल में कौन हैं?
फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं।
क्या है जवानी तो इश्क होना है फैमिली के साथ देखी जा सकती है?
हां, इसे फैमिली-फ्रेंडली रोमांटिक कॉमेडी एंटरटेनर के तौर पर बनाया गया है।
है जवानी तो इश्क होना है का रनटाइम कितना है?
फिल्म की अवधि लगभग 2 घंटे 16 मिनट है।
क्या है जवानी तो इश्क होना है देखने लायक है?
अगर आपको संगीत, ह्यूमर और फैमिली ड्रामा वाली बॉलीवुड रोमांटिक कॉमेडी पसंद है, तो यह फिल्म ज़रूर देखने लायक है।




