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मलयालम सिनेमा की नई एक्शन ड्रामा खलीफा: द रूलर (Khalifa: The Ruler) में पृथ्वीराज सुकुमारन (Prithviraj Sukumaran), डायरेक्टर वैशाख (Vysakh) और एक बड़ी स्टारकास्ट एक साथ नज़र आती है, जिसमें सबसे ज़्यादा चर्चा मोहनलाल (Mohanlal) की मौजूदगी को लेकर है। खलीफा द रूलर रिलीज़ डेट से लेकर कहानी तक, यह फिल्म एक्शन, क्राइम, पारिवारिक इतिहास और बदले को एक धागे में पिरोती है। कहानी के केंद्र में आमिर अली और ममबरक्कल (Mambarakkal) परिवार की विरासत है।
फिल्म का निर्देशन वैशाख ने किया है और इसे जिनु वी. अब्राहम (Jinu V. Abraham) ने लिखा है। पृथ्वीराज सुकुमारन ममबरक्कल आमिर अली के किरदार में हैं, जबकि मोहनलाल आमिर के दादा ममबरक्कल अहमद अली बने हैं।
यह फिल्म 20 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में पहुंची। इसकी मूल भाषा मलयालम है, और साथ ही तमिल, तेलुगु व हिंदी डब वर्ज़न भी उपलब्ध हैं।
नीचे आपको रिलीज़ डेट, कास्ट, स्टोरी, रनटाइम, सर्टिफिकेट, म्यूज़िक, शूटिंग लोकेशन, मोहनलाल के रोल और OTT स्टेटस समेत हर ज़रूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी।
खलीफा द रूलर रिलीज़ डेट
पृथ्वीराज की यह फिल्म 20 अगस्त 2026 को थिएटर्स में रिलीज़ हुई।
फिल्म ओणम (Onam) के रिलीज़ सीज़न में आई, जिससे मलयालम बॉक्स ऑफिस कैलेंडर में इसे एक अहम जगह मिली। मुख्य रूप से यह मलयालम फिल्म है, लेकिन तमिल, तेलुगु और हिंदी दर्शक इसे डब वर्ज़न में भी देख सकते हैं।
अलग-अलग शहरों में शो टाइमिंग बदल सकती है, इसलिए प्लान बनाने से पहले अपने नज़दीकी सिनेमाघर की लिस्टिंग ज़रूर चेक करें।
खलीफा मूवी की पूरी जानकारी
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| फिल्म | खलीफा: द रूलर (Khalifa: The Ruler) |
| रिलीज़ डेट | 20 अगस्त 2026 |
| मूल भाषा | मलयालम |
| जॉनर | एक्शन थ्रिलर / क्राइम |
| निर्देशक | वैशाख (Vysakh) |
| लेखक | जिनु वी. अब्राहम (Jinu V. Abraham) |
| मुख्य अभिनेता | पृथ्वीराज सुकुमारन |
| मुख्य किरदार | ममबरक्कल आमिर अली |
| मोहनलाल का किरदार | ममबरक्कल अहमद अली |
| संगीत | जेक्स बेजॉय (Jakes Bejoy) |
| सिनेमैटोग्राफी | जोमोन टी. जॉन (Jomon T. John) |
| एडिटिंग | चमन चाको (Chaman Chacko) |
| रनटाइम | लगभग 2 घंटे 39 मिनट |
| सर्टिफिकेशन | UA 16+ |
| प्रोडक्शन | जिनु अब्राहम इनोवेशन (Jiinu Abraham Innovation) |
| रिलीज़ माध्यम | थिएट्रिकल |
सेंसर बोर्ड से फिल्म को UA 16+ सर्टिफिकेट मिला है और इसकी लिस्टेड अवधि करीब 159 मिनट है।
खलीफा: द रूलर किस बारे में है?
कहानी ममबरक्कल आमिर अली के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे पृथ्वीराज सुकुमारन ने निभाया है।
शुरुआत में आमिर कोडुवल्ली (Koduvally) का एक आम-सा नौजवान दिखता है। वह कपड़ों की दुकान चलाता है, अपने जिगरी दोस्त समद के साथ वक्त बिताता है और फ़िज़ा के साथ उसका रिश्ता आगे चलकर शादी तक पहुंचता है।
मगर उसके परिवार की पृष्ठभूमि इतनी सीधी नहीं है।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, आमिर गोल्ड स्मगलिंग, बदले, आपराधिक दबदबे और खानदानी विरासत की दुनिया से जुड़ता चला जाता है। उसकी निजी ज़िंदगी ममबरक्कल परिवार के अतीत से टकराने लगती है और वह ऐसे हालात में घिर जाता है जो उसकी जानी-पहचानी ज़िंदगी से बिल्कुल अलग हैं।
आमिर की रोज़मर्रा की सादगी और परिवार के स्याह अतीत के बीच का यही फ़र्क फिल्म की असली नींव है।

खलीफा मूवी की कहानी
बड़े ट्विस्ट बताए बिना कहें तो खलीफा: द रूलर में आमिर धीरे-धीरे अपने परिवार के अतीत के नतीजों में उलझता जाता है।
ममबरक्कल परिवार का इतिहास इस कहानी को एक साधारण क्राइम ड्रामा से कहीं आगे ले जाता है। आमिर के रिश्ते, उसकी वफ़ादारी और उसके निजी फ़ैसले ताकत और इंतकाम से जुड़े एक बड़े टकराव का हिस्सा बन जाते हैं।
फिल्म के क्राइम सेटअप में सोने की तस्करी भी अहम भूमिका निभाती है, और कहानी केरल की सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बैकड्रॉप तक जाती है।
आमिर को शुरू से ही कोई जमा-जमाया गैंगस्टर नहीं दिखाया गया। फिल्म उसका सफर उन परिस्थितियों के ज़रिए गढ़ती है जो उसे धीरे-धीरे इस दुनिया की ओर खींचती हैं।
जो दर्शक स्पॉइलर से बचना चाहते हैं, वे इसी बुनियादी प्लॉट तक सीमित रहें और आगे की घटनाओं की विस्तृत व्याख्या पढ़ने से परहेज़ करें।
आमिर अली के रोल में पृथ्वीराज सुकुमारन
फिल्म का केंद्रीय किरदार ममबरक्कल आमिर अली है, और इसे पृथ्वीराज सुकुमारन ने पर्दे पर उतारा है।
आमतौर पर एक्शन फिल्मों का हीरो पहले सीन से ही ताकतवर या अपराध की दुनिया में गहराई तक धंसा होता है। आमिर की शुरुआत एक मामूली युवक के तौर पर होती है, जो इस किरदार को अलग शुरुआती बिंदु देती है।
यह किरदार ममबरक्कल खानदान और उसके इतिहास से गहराई से बंधा है, इसलिए आमिर का निजी सफर फिल्म के नैरेटिव का बड़ा हिस्सा बन जाता है।
इस भूमिका ने पृथ्वीराज को फिल्म के एक्शन और फैमिली ड्रामा दोनों के बीचों-बीच खड़ा कर दिया है, जबकि कहानी परत-दर-परत आमिर के आसपास की दुनिया खोलती है।
खलीफा में मोहनलाल का रोल
मोहनलाल यहां ममबरक्कल अहमद अली बने हैं, जो रिश्ते में आमिर के दादा हैं।
उनका किरदार ममबरक्कल परिवार की पुरानी पीढ़ी से आता है, इसलिए आमिर की कहानी के पीछे छिपे इतिहास से उसका सीधा नाता है।
फिल्म को लेकर सबसे बड़ी चर्चाओं में मोहनलाल की मौजूदगी शामिल रही है, खासकर अहमद अली और आमिर के रिश्ते की वजह से।
फिर भी इस किस्त के लीड हीरो पृथ्वीराज ही हैं। मोहनलाल का किरदार आमिर की जगह नहीं लेता, बल्कि पारिवारिक कहानी में एक नया आयाम जोड़ता है।
खलीफा मूवी कास्ट
फिल्म में मलयालम इंडस्ट्री के कलाकारों के साथ दूसरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज़ के चेहरे भी शामिल हैं।
पृथ्वीराज सुकुमारन
नायक ममबरक्कल आमिर अली की भूमिका में।
मोहनलाल
आमिर के दादाजी ममबरक्कल अहमद अली के किरदार में।
नील नितिन मुकेश (Neil Nitin Mukesh)
नील नितिन मुकेश इस फिल्म का हिस्सा हैं और इसी से उन्होंने मलयालम सिनेमा में डेब्यू किया है।
मालविका शर्मा (Malvika Sharma)
मालविका शर्मा फ़िज़ा बनी हैं, जिसका रिश्ता आमिर की निजी ज़िंदगी से है।
शम्मी तिलकन (Shammi Thilakan)
दिग्गज अभिनेता शम्मी तिलकन भी इस एन्सेम्बल कास्ट में दिखाई देते हैं।
इंद्रन्स (Indrans)
इंद्रन्स एक सहायक भूमिका में फिल्म से जुड़े हैं।
संजू शिवराम (Sanju Sivaram)
संजू शिवराम ने समद का रोल किया है, जो आमिर का करीबी दोस्त है।
इनके अलावा रेंजी पणिक्कर (Renji Panicker), मोहिनी (Mohini) और आनंद मनमधन (Anand Manmadhan) समेत कई और कलाकार भी फिल्म में हैं।
खलीफा: द रूलर के डायरेक्टर कौन हैं?
इस फिल्म की कमान वैशाख के हाथ में है।
कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स का क्रेडिट जिनु वी. अब्राहम को दिया गया है।
वैशाख का कमर्शियल एक्शन सिनेमा का अनुभव और जिनु वी. अब्राहम की लेखनी मिलकर इस प्रोजेक्ट की रचनात्मक बुनियाद तैयार करते हैं। फिल्म किसी एक जॉनर तक सिमटने के बजाय क्राइम, पारिवारिक संघर्ष और एक्शन को साथ लेकर चलती है।
खलीफा: द रूलर का रनटाइम
फिल्म की लंबाई करीब 2 घंटे 39 मिनट यानी लगभग 159 मिनट है।
इतने समय में फिल्म के पास आमिर की निजी ज़िंदगी दिखाने, ममबरक्कल परिवार से परिचय कराने और क्राइम वाली कहानी को विस्तार देने की पूरी गुंजाइश है।
सिनेमा के फ़ॉर्मेट के हिसाब से प्रेज़ेंटेशन में मामूली अंतर हो सकता है, लेकिन थिएटर के लिए दर्ज अवधि लगभग 159 मिनट ही है।
खलीफा: द रूलर का सर्टिफिकेशन
इस फिल्म को UA 16+ रेटिंग दी गई है।
जो परिवार यह तय कर रहे हैं कि फिल्म छोटे बच्चों के लिए ठीक है या नहीं, उनके लिए यह जानकारी काम की है। फैमिली आउटिंग प्लान करने से पहले माता-पिता और अभिभावक इस रेटिंग पर ध्यान दें।

म्यूज़िक, सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग
फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर जेक्स बेजॉय ने तैयार किया है।
कैमरे की ज़िम्मेदारी जोमोन टी. जॉन ने संभाली है, जबकि एडिटिंग चमन चाको के ज़िम्मे रही।
क्राइम, एक्शन और फैमिली ड्रामा के मेल ने टेक्निकल टीम को कई तरह के माहौल में काम करने का मौका दिया, खासकर इसलिए क्योंकि शूटिंग भारत के साथ-साथ विदेशी लोकेशंस पर भी हुई।
खलीफा: द रूलर की शूटिंग कहां हुई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म केरल के कुछ हिस्सों, लंदन, दुबई, अबू धाबी और नेपाल में फिल्माई गई।
ये लोकेशंस फिल्म की बड़ी क्राइम दुनिया के साथ मेल खाती हैं और कहानी को केरल की किसी एक जगह से आगे भौगोलिक फैलाव देती हैं।
प्रोडक्शन 2025 में शुरू हुआ और थिएट्रिकल रिलीज़ से पहले 2026 तक चलता रहा।
क्या खलीफा: द रूलर दो पार्ट वाली फिल्म है?
इस फिल्म को एक बड़ी कहानी की शुरुआत के तौर पर तैयार किया गया है, जिसमें ममबरक्कल खानदान का इतिहास अहम भूमिका निभाता है।
पुरानी पीढ़ी से अहमद अली का जुड़ाव एक बड़ी वजह है कि परिवार की टाइमलाइन ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।
हालांकि, मौजूदा फिल्म से जुड़ी पुष्ट जानकारी और आगे आने वाली किस्तों की उम्मीदों में फ़र्क करना ज़रूरी है। जब तक आधिकारिक घोषणा न हो, किसी संभावित सीक्वल की बातों को भविष्य की अटकल ही मानें।
क्या खलीफा: द रूलर सच्ची कहानी पर आधारित है?
उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई भरोसेमंद आधिकारिक संकेत नहीं मिलता कि यह फिल्म किसी खास सच्ची घटना का सीधा रूपांतरण है।
इसे पारिवारिक इतिहास, बदले, आपराधिक प्रभाव और गोल्ड स्मगलिंग से जुड़ी एक काल्पनिक एक्शन थ्रिलर के रूप में पेश किया गया है।
इसलिए खलीफा को ट्रू-स्टोरी अडैप्टेशन कहने के बजाय एक फिक्शनल क्राइम-एक्शन फिल्म कहना ज़्यादा सही होगा।
खलीफा मूवी ट्रेलर
खलीफा के प्रमोशनल मटीरियल में आमिर अली, फिल्म की एक्शन से भरी दुनिया और उसके किरदार के इर्द-गिर्द बुना पारिवारिक इतिहास दिखाया गया है।
प्रमोशन में मोहनलाल का होना भी फिल्म की अपील का बड़ा हिस्सा रहा।
किसी भी ट्रेलर की तरह यह भी पूरी कहानी नहीं, सिर्फ एक झलक देता है। अगर आप बिना स्पॉइलर के फिल्म देखना चाहते हैं, तो पहले से प्लॉट की बारीक चर्चाओं से दूर रहना बेहतर है।
खलीफा: द रूलर को खास क्या बनाता है?
क्रिटिक्स की राय आने से पहले ही फिल्म में कई ऐसी बातें हैं जो इसे ध्यान देने लायक बनाती हैं।
पहली, यह क्राइम-एक्शन कहानी पृथ्वीराज सुकुमारन और डायरेक्टर वैशाख की जोड़ी को साथ लाती है।
दूसरी, अहमद अली के रूप में मोहनलाल कहानी में खानदानी इतिहास का रंग भरते हैं।
तीसरी, सोने की तस्करी, इंतकाम और क्रिमिनल नेटवर्क कहानी को एक व्यापक अपराध-जगत देते हैं।
आमिर की अपेक्षाकृत सामान्य निजी ज़िंदगी और उसके परिवार से जुड़े इतिहास का विरोधाभास भी सेटअप का एक मुख्य हिस्सा है।
विदेशी शूटिंग लोकेशंस कहानी के पैमाने को और बड़ा कर देती हैं।
क्या खलीफा: द रूलर देखने लायक है?
अगर आपको मलयालम एक्शन थ्रिलर, पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्में, क्राइम स्टोरीज़ या परिवार-केंद्रित कहानियां पसंद हैं, तो इस फिल्म में आपकी दिलचस्पी के कई तत्व मौजूद हैं।
एक्शन और अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस के साथ फिल्म का प्रेज़ेंटेशन बड़े पर्दे के हिसाब से भव्य है।
आखिरकार किसी दर्शक को यह कितनी पसंद आएगी, यह स्क्रीनप्ले, एक्टिंग, रफ़्तार और एग्ज़िक्यूशन पर निर्भर करता है। इन पहलुओं को सिर्फ प्रमोशनल कंटेंट के भरोसे नहीं, पूरी फिल्म देखकर ही परखा जा सकता है।
खलीफा द रूलर रिव्यू: क्रिटिक्स की राय
फिल्म को लेकर क्रिटिक्स के रिव्यू अभी आने शुरू ही हुए हैं।
जैसे ही वेरिफ़ाइड समीक्षकों और दर्शकों की पर्याप्त प्रतिक्रियाएं सामने आएंगी, इस हिस्से को अपडेट किया जाएगा।
खलीफा OTT रिलीज़ डेट
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, फिल्म की OTT रिलीज़ डेट आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है।
20 अगस्त 2026 को रिलीज़ के बाद फिलहाल फिल्म अपनी थिएट्रिकल विंडो में चल रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट या अनऑफिशियल वेबसाइट्स पर बिना पुष्टि के बताई जा रही स्ट्रीमिंग तारीखों से सावधान रहें।
प्रोडक्शन टीम या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की ओर से डिजिटल रिलीज़ की आधिकारिक घोषणा होते ही यह जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।

खलीफा: द रूलर कहां देखें?
फिलहाल यह फिल्म सिर्फ सिनेमाघरों में देखी जा सकती है।
शहर और थिएटर के हिसाब से फिल्म की उपलब्धता और शो का समय बदल सकता है, इसलिए घर से निकलने से पहले लेटेस्ट लोकल लिस्टिंग देख लें।
परिवार के साथ देखने का प्लान हो तो UA 16+ रेटिंग को भी ध्यान में रखें।
फाइनल वर्डिक्ट
खलीफा: द रूलर एक मलयालम एक्शन थ्रिलर है, जिसके केंद्र में पृथ्वीराज सुकुमारन का किरदार ममबरक्कल आमिर अली है।
कहानी आमिर की साधारण ज़िंदगी से शुरू होकर उसे अपराध, सोने की तस्करी, बदले और रसूख से भरे एक उलझे पारिवारिक इतिहास से जोड़ देती है।
निर्देशन वैशाख का है, और कहानी, पटकथा व संवाद जिनु वी. अब्राहम के नाम हैं। कलाकारों में पृथ्वीराज सुकुमारन, मोहनलाल, नील नितिन मुकेश, मालविका शर्मा, शम्मी तिलकन, इंद्रन्स, संजू शिवराम और अन्य शामिल हैं।
आमिर के दादा अहमद अली के रूप में मोहनलाल फिल्म को परिवार की पिछली पीढ़ी से एक अतिरिक्त कड़ी देते हैं।
सिनेमाघरों में 20 अगस्त 2026 को आई इस फिल्म की अवधि लगभग 159 मिनट है और इस पर UA 16+ का ठप्पा लगा है।
कुल मिलाकर, पृथ्वीराज सुकुमारन और मोहनलाल स्टारर यह मलयालम एक्शन थ्रिलर क्राइम, पारिवारिक विरासत और इंतकाम की थीम को साथ लेकर आती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
खलीफा: द रूलर कब रिलीज़ हुई?
फिल्म 20 अगस्त 2026 को थिएटर्स में आई। इसे मलयालम के साथ तमिल, तेलुगु और हिंदी डब वर्ज़न में भी रिलीज़ किया गया।
खलीफा: द रूलर में लीड रोल किसका है?
मुख्य किरदार ममबरक्कल आमिर अली को पृथ्वीराज सुकुमारन ने निभाया है, जिसकी ज़िंदगी उसके परिवार के पेचीदा अतीत से जुड़ जाती है।
खलीफा में मोहनलाल किसका रोल कर रहे हैं?
मोहनलाल ममबरक्कल अहमद अली बने हैं, जो आमिर अली के दादा हैं। यह किरदार ममबरक्कल परिवार के पुराने इतिहास से जुड़ा है।
खलीफा: द रूलर की कहानी क्या है?
फिल्म आमिर अली की कहानी है, जिसकी सामान्य ज़िंदगी गोल्ड स्मगलिंग, बदले, अपराध और ताकत से भरी एक स्याह खानदानी विरासत से जुड़ जाती है।
खलीफा का रनटाइम और सर्टिफिकेट क्या है?
फिल्म करीब 159 मिनट (2 घंटे 39 मिनट) लंबी है और इसे UA 16+ सर्टिफिकेट मिला है।
क्या खलीफा: द रूलर OTT पर उपलब्ध है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार OTT रिलीज़ की आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं हुई है। फिलहाल इसे केवल थिएटर में ही देखा जा सकता है।
लेटेस्ट अपडेट
थिएट्रिकल रिलीज़ के बाद फिल्म से जुड़ी जानकारियां तेज़ी से बदल सकती हैं। OTT प्लेटफॉर्म, डिजिटल रिलीज़ डेट, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और दर्शकों की प्रतिक्रिया जैसी डिटेल्स भरोसेमंद पुष्टि मिलने पर अपडेट की जाएंगी।
अभी के लिए मुख्य बातें साफ हैं: खलीफा द रूलर रिलीज़ डेट 20 अगस्त 2026 रही, इसमें पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में हैं, मोहनलाल अहम किरदार में हैं, निर्देशक वैशाख हैं, अवधि करीब 159 मिनट है और रेटिंग UA 16+ है।
किसी भी मूवी वेबसाइट के लिए ऐसे समय-संवेदनशील सेक्शंस को अपडेट रखना ज़रूरी है। पुष्ट जानकारी को अनुमान, अफवाहों और सोशल मीडिया दावों से अलग रखा जाना चाहिए, ताकि पाठक आसानी से समझ सकें कि क्या तय है और क्या अभी बाकी है।




